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    राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र हरियाणा द्वारा 14/01/2026 को चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी, चंडीगढ़ में MedLEaPR पर एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन

    • Start Date : 14/01/2026
    • End Date : 14/01/2026
    • Venue : चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी, चंडीगढ़

    राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र हरियाणा द्वारा 14 जनवरी, 2026 को चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी, चंडीगढ़ में MedLEaPR (मेडिको लीगल परीक्षण एवं पोस्ट-मार्टम रिपोर्टिंग) पर एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ तथा दिल्ली सहित 9 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    इस कार्यशाला का उद्घाटन माननीय श्री न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर मंचासीन गणमान्य व्यक्तियों में माननीय श्री न्यायमूर्ति शील नागू, मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़; माननीय श्री न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी, न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़; माननीय श्री न्यायमूर्ति जगमोहन बंसल, न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़; श्री सुधीर राजपाल, आईएएस, अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा तथा श्री वारीन्द्र सेठ, उप महानिदेशक एवं राज्य समन्वयक, एनआईसी हरियाणा उपस्थित रहे।

    महानिदेशक, एनआईसी की ओर से श्री वारीन्द्र सेठ, उप महानिदेशक एवं राज्य समन्वयक, एनआईसी–हरियाणा द्वारा स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया गया।

    मंचासीन गणमान्य व्यक्तियों द्वारा MedLEaPR पर आधारित संकलन (कंपेंडियम) का, MedLEaPR प्लेटफॉर्म के माध्यम से मेडिको-लीगल परीक्षण एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टिंग के लिए एक समग्र संदर्भ दस्तावेज के रूप में इसकी महत्ता को रेखांकित करते हुए इसके उपयोग के उद्देश्य हेतु, औपचारिक अनावरण किया गया |
    MedLEaPR मोबाइल एप्लिकेशन का सॉफ्ट लॉन्च माननीय श्री न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किया गया।

    श्री सुधीर राजपाल, आईएएस, अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा ने MedLEaPR के क्रियान्वयन हेतु पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा की गई पहल की सराहना की तथा यह रेखांकित किया कि कार्यशाला के दौरान प्राप्त सुझाव एवं प्रतिपुष्टि (फीडबैक) प्लेटफॉर्म को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने में सहायक होंगे, जिससे मेडिको-लीगल रिपोर्टिंग अधिक विश्वसनीय, मानकीकृत एवं दक्ष हो सकेगी।

    माननीय श्री न्यायमूर्ति शील नागू, मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ ने कहा कि MedLEaPR सुरक्षित डिजिटलीकरण एवं एकीकरण के माध्यम से मेडिको-लीगल एवं पोस्टमार्टम अभिलेखों को सुव्यवस्थित करता है तथा विलंब, मानकीकरण और प्रामाणिकता से संबंधित समस्याओं का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है। माननीय श्री न्यायमूर्ति शील नागू ने विश्वास व्यक्त किया कि MedLEaPR संकलन एवं मोबाइल एप्लिकेशन का शुभारंभ, अविरत प्रशिक्षण के सहयोग से, विश्वसनीय एवं उत्तरदायी मेडिको-लीगल रिपोर्टिंग को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

    माननीय श्री न्यायमूर्ति राजेश बिंदल ने मेडिको-लीगल एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टिंग के क्षेत्र में MedLEaPR प्रणाली के महत्व को एक प्रमुख सुधार के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने एनआईसी हरियाणा द्वारा प्रदत्त तकनीकी सहयोग की सराहना की तथा इस बात पर बल दिया कि न्यायिक एवं तकनीकी विशेषज्ञों के मध्य सहयोग, न्यूनतम लागत पर एक सुदृढ़, पैन-इंडिया डिजिटल समाधान के विकास की कुंजी रहा है।

    9 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से MedLEaPR के राज्य नोडल अधिकारियों ने अपने-अपने क्रियान्वयन की रणनीतियाँ, सर्वोत्तम प्रथाएँ, चुनौतियाँ तथा भावी कार्ययोजनाएं साझा की।

    माननीय श्री न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ ने समापन सत्र के दौरान न्यायिक प्रणाली को सुदृढ़ करने में प्रौद्योगिकी के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि MedLEaPR प्लेटफॉर्म एक महत्वपूर्ण पहल है, जो न्याय प्रदान करने में होने वाले विलंब को कम कर नागरिकों को समय पर न्याय उपलब्ध कराने में सहायक है तथा आम जनमानस के लिए न्याय को और अधिक सुलभ बनाता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से MedLEaPR के और अधिक सुदृढ़ीकरण हेतु अपने सुझाव एवं इनपुट साझा करने का आग्रह किया।

    श्री सरबजीत सिंह, उप महानिदेशक एवं राज्य सूचना अधिकारी (एसआईओ), एनआईसी हरियाणा ने MedLEaPR के राज्य नोडल अधिकारियों, एनआईसी राज्य समन्वयकों तथा मास्टर प्रशिक्षकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के लिए हार्दिक सराहना व्यक्त की।

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