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    राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, हरियाणा द्वारा डी.आई.ओ. संगोष्ठी का आयोजन (23 फरवरी 2026)

    • Start Date : 23/02/2026
    • End Date : 23/02/2026
    • Venue : होटल शिवालिकव्यू, चंडीगढ़

    “हमारा उद्देश्य – सक्षम तकनीक, सुदृढ़ भविष्य”

    हरियाणा राज्य में डिजिटल शासन, साइबर सुरक्षा तथा नवोन्मेषी सूचना प्रौद्योगिकी समाधानों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में एनआईसी हरियाणा द्वारा सभी जिला सूचना विज्ञान केन्द्रो में कार्यरत अधिकारियों (DIOs/ADIOs/DIAs) का राज्य स्तरीय संगोष्ठी एवं तकनीकी संवाद का आयोजन 23 फरवरी 2026 को चंडीगढ़ स्थित होटल शिवालिकव्यू में किया गया। इस कार्यक्रम में एनआईसी हरियाणा के सभी अधिकारियों ने भाग लिया ।

    इस संगोष्ठी का उद्देश्य जिला स्तर पर डिजिटल सेवाओं के प्रभावी कार्यान्वयन की समीक्षा, नवीन तकनीकी प्रगतियों से अधिकारियों को अवगत कराना तथा डेटा सुरक्षा, आर्टफिशल इन्टेलिजन्स (AI) एवं ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में समन्वित दृष्टिकोण विकसित करना रहा। इस कार्यक्रम में मंच का संचालन एनआईसी हरियाणा से सुश्री जगनप्रीत ब्रोका, उप निदेशक (आईटी) एवं सुश्री पूजा त्यागी, संयुक्त निदेशक (आईटी) द्वारा किया गया |

    मुख्य अतिथि डॉ. जी. अनुपमा, आईएएस, अपर मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार, नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID), हरियाणा ने श्री वारीन्द्र सेठ, उप महानिदेशक एवं राज्य समन्वयक , एनआईसी हरियाणा और श्री सरबजीत सिंह, उप महानिदेशक एवं राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी, एनआईसी हरियाणा की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन द्वारा संगोष्ठी का औपचारिक उद्घाटन किया, जिससे कार्यक्रम का एक गरिमामयी एवं प्रेरणादायी शुभारंभ हुआ।

    उद्घाटन उपरांत श्री सरबजीत सिंह, उप महानिदेशक एवं राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी, एनआईसी हरियाणा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए सभी सम्मानित अतिथियों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा जिला सूचना विज्ञान अधिकारियों का हार्दिक अभिनंदन किया। अपने संबोधन में उन्होंने उल्लेख किया कि एनआईसी हरियाणा, राज्य सरकार के साथ समन्वय में कार्य करते हुए नागरिक-केंद्रित, सुरक्षित एवं पारदर्शी डिजिटल सेवाओं के विकास हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में जिला स्तर पर किए जा रहे प्रयास डिजिटल सुशासन को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

    इसके बाद एनआईसी मुख्यालय के श्री वारीन्द्र सेठ, उप महानिदेशक एवं राज्य समन्वयक , एनआईसी हरियाणा ने अपना संबोधन प्रस्तुत किया। अपने वक्तव्य में उन्होंने संगठन के प्रति अपनी रणनीतिक दृष्टि एवं दूरदर्शी सोच को उपस्थित श्रोताओं के साथ साझा किया। उन्होंने हरियाणा में शासन के विभिन्न क्षेत्रों में एनआईसी अधिकारियों द्वारा किए जा रहे निरंतर, समर्पित एवं प्रभावी प्रयासों की सराहना की तथा अधिकारियों को डिजिटल नवाचार, सेवा गुणवत्ता और कार्य निष्पादन में निरंतर सुधार हेतु प्रतिबद्धता बनाए रखने के लिए जोर दिया |

    तत्पश्चात मुख्य अतिथि डॉ. जी. अनुपमा, आईएएस ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी आज शासन प्रणाली की आधारशिला बन चुकी है। युवा अधिकारियों की उपस्थिति को देखकर उन्होंने आत्मीयता और पुरानी स्मृतियों को साझा किया | भारत को वैश्विक आईटी और ज्ञान शक्ति के रूप में रेखांकित करते हुए उन्होंने डीआईओ को देश की डिजिटल शासन व्यवस्था की तकनीकी रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि शासन, सेवा वितरण, निगरानी, मूल्यांकन और नागरिक सहभागिता अब बड़े पैमाने पर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित हो चुके हैं, जिन्हें एनआईसी के सुदृढ़ डिजिटल ढांचे का समर्थन प्राप्त है और राज्य सरकार के 70 से अधिक सरकारी विभागों को जोड़ता है। जीवन की सुगमता और व्यवसाय की सहजता में हुए उल्लेखनीय सुधारों को स्वीकार करते हुए उन्होंने इस बात पर बल दिया कि देश के डिजिटल समाधानों की गुणवत्ता को वैश्विक मानकों के समकक्ष लाना समय की आवश्यकता है।

    डिजिटल शासन की आधारशिला के रूप में ‘विश्वास’ को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने व्यक्तिगत डेटा संरक्षण की बढ़ती आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण ढांचे के सक्रिय क्रियान्वयन, सुदृढ़ साइबर सुरक्षा उपायों तथा एनआईसी, आईटी विभाग और जिला प्रशासन के बीच गहन समन्वय का आह्वान किया। डीआईओ से अपने-अपने जिलों के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी की भूमिका निभाने का आग्रह करते हुए उन्होंने नवाचार, संस्थागत स्मृति निर्माण और निरंतर संवाद के माध्यम से पारदर्शी, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित डिजिटल शासन को सुदृढ़ करने का संदेश दिया।

    इसके बाद डॉ. अमित गुप्ता, संयुक्त निदेशक (आईटी), एनआईसी हरियाणा द्वारा “साइबर सुरक्षा” विषय पर प्रस्तुति दी गई, जिसमें सरकारी प्रणालियों की सुरक्षा, साइबर स्वच्छता एवं जोखिम न्यूनीकरण पर विशेष बल दिया गया।

    इंडस्ट्री एक्सपर्ट की तरफ से CISCO टीम द्वारा “The Future of Meetings – CISCO VC Solutions” विषय पर प्रस्तुति के माध्यम से वर्चुअल सहयोग की आधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित किया गया।

    डॉ. मुकेश कुमार गुप्ता, वरिष्ठ निदेशक (आईटी) एवं विभागाध्यक्ष, डेटा गवर्नेंस एवं रणनीति प्रभाग, एनआईसी मुख्यालय ने “DPDP अधिनियम, 2023” पर विस्तृत व्याख्यान दिया, जिसमें डेटा संरक्षण एवं कानूनी दायित्वों को स्पष्ट किया गया।

    श्री आशीष, संयुक्त निदेशक (आईटी), एनआईसी हरियाणा ने “AI एवं ML” विषय पर प्रस्तुति देते हुए शासन में आर्टफिशल इन्टेलिजन्स (AI) की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

    दोपहर उपरांत सत्रों में अंबाला, फरीदाबाद, हिसार, करनाल एवं रोहतक मंडलों के जिला सूचना विज्ञान अधिकारियों द्वारा अपने-अपने जिलों में संचालित आईसीटी परियोजनाओं, चुनौतियों एवं नवाचारों की प्रस्तुतियाँ दी गईं। इसके पश्चात इंटरएक्टिव सत्र में वरिष्ठ अधिकारियों ने डीआईओ के साथ संवाद कर मार्गदर्शन प्रदान किया।

    तकनीकी सत्र प्रस्तुत करने वाले विभिन्न वक्ताओं को उनकी ज्ञानवर्धक विषय-वस्तु के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

    अंत में श्री धर्मपाल सैनी, वरिष्ठ निदेशक (आईटी) एवं राज्य प्रशिक्षण समन्वयक, एनआईसी हरियाणा ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते हुए डीआईओ मीट को सफल बनाने हेतु एनआईसी हरियाणा की टीम के प्रयासों की सराहना की।

    एनआईसी हरियाणा द्वारा आयोजित डीआईओ संगोष्ठी सार्वजनिक सेवा को बढ़ाने में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की नई प्रतिबद्धता के साथ संपन्न हुई |

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